Home Asia पश्चिम बंगाल में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय नेटवर्क होगा मजबूत

पश्चिम बंगाल में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय नेटवर्क होगा मजबूत

राज्य सरकार ने किया NESTS के साथ समझौता ज्ञापन; प्रति छात्र अब मिलेंगे १,४७,००० रुपये

96
पश्चिम बंगाल सरकार के जनजातीय विकास विभाग में प्रधान सचिव छोटेन धेंदुप लामा (बाएं से ३रीं) और NESTS आयुक्त डॉ. प्रतिमा (दाएं से ३रीं) राज्य में EMRS नेटवर्क को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद। साथ में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय में सचिव रंजना चोपड़ा (दाएं से २रीं)।

कोलकाता (पश्चिम बंगाल, भारत): जनजातीय शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जनजातीय मामलों के मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति (NESTS) ने पश्चिम बंगाल में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और निगरानी के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह MoU बुधवार को यहाँ पश्चिम बंगाल सरकार के जनजातीय विकास विभाग में प्रधान सचिव छोटेन धेंदुप लामा (बाएं से ३रीं) और NESTS आयुक्त डॉ. प्रतिमा द्वारा भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय में सचिव रंजना चोपड़ा की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।

इस समझौते के तहत EMRS योजना के अंतर्गत प्रति छात्र मिलनेवाली धनराशि में भारी वृद्धि होगी। यह राशि अप प्रति छात्र ६१,५०० रुपये से बढ़ाकर १,४७,००० रुपये हो जाएगी। राज्य सरकार स्वीकृत EMRS योजनाओं के शीघ्र संचालन और लंबित विद्यालय अवसंरचना कार्यों को पूरा करने के लिए भी कदम उठाएगी। शिक्षकों की भर्ती केंद्रीकृत प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी।

यहां जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में EMRS (आदिवासी शिक्षा केंद्र) की योजना, निर्माण, स्थापना और प्रशासन के लिए संस्थागत समन्वय को मजबूत करना है। साथ ही इसका लक्ष्य न के दिशा-निर्देशों पर आधारित और CBSE के मानदंडों व मानकों के अनुरूप एक सामान्य मूल पाठ्यक्रम को अपनाकर आदिवासी छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित करना है।

बैठक में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय में सचिव रंजना चोपड़ा (बीच में) अन्य अधिकारियों के साथ।

इससे पहले चोपड़ा ने पश्चिम बंगाल में जनजातीय मामलों के मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए आजोजित एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में  भविष्य की कार्ययोजनाओं, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने, निधि का बेहतर उपयोग करने और जनजातीय तथा विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (PVTG) क्षेत्रों में लंबित हस्तक्षेपों को शीघ्रता से लागू करने पर चर्चा की गई।

बैठक में विशेष रूप से राज्य में मंत्रालय की दो प्रमुख योजनाओं – प्रधान मंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM JANMAN) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान (DA-JGUA) के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई। चोपड़ा ने इस बात पर जोर दिया कि मंत्रालय और राज्य सरकार को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि इन अभियानों के लाभ जनजातीय समुदायों और PVTG तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।

चोपड़ा ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों के लिए जल्द ही आदि कर्मयोगी अभियान (AKA) के लिए प्रभावी कार्यान्वयन पर एक मार्गदर्शन सत्र  आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को DA-JGUA और PM JANMAN के अंतर्गत आने वाले गांवों में आदि सेवा केंद्रों (ASKs) की अधिसूचना प्रक्रिया में तेजी लाने और मजबूत सामुदायिक भागीदारी तंत्र के माध्यम से प्रत्येक ASK में 5 से 7 स्वयंसेवकों की टीमें तैनात करने के लिए प्रयास करने चाहिए।

बैठक को संबोधित करते हुए लामा ने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभाग अभियानों के अंतर्गत संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों को प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में PVTG घरेलू सर्वेक्षण बुधवार से ही शुरू हो गया है और इसे समय पर पूरा किया जाएगा।

बैठक के दौरान चर्चा किए गए अन्य प्रमुख मुद्दों में प्रस्तावों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों का प्रस्तुतीकरण, विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति, वन अधिकार अधिनियम (FRA) का कार्यान्वयन, वन धन विकास केंद्रों (VDVKs) का संचालन, जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRI) को सुदृढ़ करना और जनजातीय समुदायों के लिए कौशल विकास और आजीविका सृजन पर केंद्रित अभिनव परियोजनाओं में भागीदारी शामिल थे।

बैठक में मंत्रालय और संबंधित संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे, जिनमें अतिरिक्त सचिव मनीष ठाकुर, संयुक्त सचिव श्री बृज नंदन प्रसाद, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (NSTFDC) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक टी. रूमुआन पैते, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे शामिल थे।

तुरंत अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें और हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here