Home Asia मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण करें युवा, कहा राष्ट्रपति मुर्मु ने

मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण करें युवा, कहा राष्ट्रपति मुर्मु ने

राष्ट्रपति भवन में आदिवासी छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों के समूह से मुलाकात

23
आदिवासी छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मुलाकात की।

नई दिल्ली (भारत): राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज देश के युवाओं से मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।

मंगलवार को यहाँ राष्ट्रपति भवन में उनसे मिलने आए आदिवासी छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों के एक समूह को संबोधित करते उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी विरासत पर गर्व करते हुए शिक्षा और प्रौद्योगिकी की शक्ति के साथ आगे बढ़ेंगे, तब वे एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करेंगे। युवा हमारे राष्ट्र की शक्ति, आशा और उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं, विशेष रूप से जनजातीय समुदायों से आने वाले युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जड़ों और अपने लोगों को न भूलें। उन्होंने कहा, “हम भारत को एक विकसित देश में परिवर्तित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस उद्देश्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आप जिस भी क्षेत्र में कार्य करना चुनें, समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दे सकते हैं।”

मुर्मु ने कहा कि हमारे देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। बस आवश्‍यकता है सही मार्गदर्शन, सहयोग और एक उचित मंच उपलब्‍ध कराने की। लाभार्थियों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि यदि अवसर मिले तो हमारे गांवों, दूरदराज के क्षेत्रों और जनजातीय अंचलों से ऐसे युवा निकलकर आएंगे, जो भारत का नाम उज्ज्वल करेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से, जनजातीय समुदायों से आने वाले युवाओं को सशक्त बनाने और उनका उत्थान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। छात्रवृत्ति योजनाएं केवल वित्तीय सहायता के साधन मात्र नहीं हैं। वे युवाओं के सपनों को पंख देने का काम करती हैं। छात्रवृत्तियां उन युवाओं के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलती हैं, जिनके पास असीम प्रतिभा तो है, लेकिन संसाधनों का अभाव उन्‍हें आगे बढ़ने से रोकता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण साधन है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो किसी व्यक्ति को आत्मनिर्भर, जागरूक और सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि उनकी अपनी जीवन-यात्रा में भी शिक्षा ने एक महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि युवाओं की शिक्षा और अनुभव उन बच्चों के लिए प्रेरणा बननी चाहिए जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। जब वे दूसरों को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे, तभी राष्ट्र का समावेशी विकास एक वास्तविकता बन पाएगा।

तुरंत अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें और हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here