इंदौर (मध्य प्रदेश, भारत): भारत के मध्य प्रदेश राज्य के इंदौर शहर में तीन दिवसीय ‘जात्रा-2026’ आदिवासी उत्सव जारी है। यह उत्सव शुक्रवार को प्रारंभ हुआ, और रविवार 22 फरवरी को समाप्त होगा।
इस मेले में आदिवासी संस्कृति, लोकनृत्य और पारंपरिक व्यंजनों का संगम देखने को मिल रहा है। इसका आयोजन गांधी हॉल परिसर में किया गया है। तीन दिवसीय इस सांस्कृतिक समागम में जनजातीय संस्कृति का दर्शन होगा। भगोरिया आधारित फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई है।
शुक्रवार को मेले का औपचारिक उद्घाटन हुआ। इस समय गुरुजी दादू महाराज, सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव उपस्थित थे। इस दौरान डॉ. अतुल मलिकराम को पिछड़ा वर्ग एवं आदिवासी समाज के उत्थान के लिए किए जा रहे उनके निरंतर प्रयासों हेतु सम्मानित किया गया। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर इस महोत्सव की शुरुआत की और वहां मौजूद जनजातीय कलाकारों की कलाकृतियों का अवलोकन किया।
जनजातीय सामाजिक सेवा समिति के मार्गदर्शन में आयोजित इस वर्ष के उत्सव का मुख्य विषय पारंपरिक रंग, सुर और स्वाद रखा गया है। आयोजन के पहले दिन मध्य प्रदेश के अलग-अलग आदिवासी अंचलों से आए कलाकारों ने प्रस्तुतियों दी। विशेष रूप से भगोरिया नृत्य और मांदल गीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।
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