मॉस्को (रूस): मॉस्को की एक अदालत ने आदिवासी पर्यावरण कार्यकर्ता दारिया एगेरेवा की हिरासत को तीन और महीनों के लिए बढ़ा दिया है।
न्यायालय ने गुरुवार को एक सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। सुनवाई के वक्त कई दूतावासों के राजनयिकों के साथ-साथ एगेरेवा के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे। अदालत ने जांचकर्ताओं के उस अनुरोध को स्वीकार कर लिया जिसमें आपराधिक जांच जारी रहने के दौरान उनकी हिरासत को लगभग ९२ दिनों तक बढ़ाने की मांग की गई थी। उन पर कथित रूप से एक आतंकवादी संगठन की गतिविधियों में भाग लेने का आरोप लगाया गया है। एगेरेवा दिसंबर २०२५ में अपनी गिरफ्तारी के बाद से पहले ही ८० दिनों से अधिक समय हिरासत में बिता चुकी हैं।
वे साइबेरिया के सेल्कुप आदिवासी समुदाय की सदस्य हैं। अगर वे दोषी पाई जाती हैं तो उन्हें को रूसी कानून के तहत २० साल तक का कारावास हो सकता है। उन पर कथित रूप से एक आतंकवादी संगठन की गतिविधियों में भाग लेने के आरोप लगाए गए हैं। मानवाधिकार पर्यवेक्षकों का कहना है कि ये आरोप उनके अबोरिजेन फ़ोरम से कथित संबंधों से उत्पन्न हुए हैं। यहा फोरम उत्तरी और साइबेरियाई क्षेत्रों के आदिवासी कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का एक अनौपचारिक नेटवर्क है, जो आदिवासी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर काम करता है।
एगेरेवा को १७ दिसम्बर २०२५ को तब गिरफ्तार किया गया था जब रूसी अधिकारियों ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में कई आदिवासी अधिकार समर्थकों को निशाना बनाते हुए समन्वित छापे और पूछताछ की कार्रवाइयाँ कीं। इन अभियानों में उत्तरी और साइबेरियाई क्षेत्रों के कई छोटे आदिवासी समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले कार्यकर्ता शामिल थे।
मार्च की सुनवाई से पूर्व, पहले के हिरासत आदेशों के खिलाफ एगेरेवा की अपील रूसी अदालतों ने खारिज कर दी थी। अदालत के नवीनतम फैसले का अर्थ है कि जांच आगे बढ़ने के दौरान एगेरेवा कम से कम कई और महीनों तक हिरासत में रहेंगी।
सन १९७७ में रूस के टोम्स्क क्षेत्र के कोल्पाशेवो में जन्मी एगेरेवा सेल्कुप समुदाय से संबंध रखती हैं, जो साइबेरिया के सबसे छोटे आदिवासी समूहों में से एक है और जिनकी संख्या केवल कुछ हज़ार व्यक्तियों तक सीमित है। उन्होंने कई वर्षों तक आदिवासी लोगों के अधिकारों की वकालत करने और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण तथा मानवाधिकार चर्चाओं में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने का काम किया है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने एगेरेवा की हिरासत को लेकर चिंता व्यक्त की है और तर्क दिया है कि यह मामला रूस में नागरिक समाज और आदिवासी समर्थकों पर व्यापक दबाव को दर्शाता है। समर्थकों और आदिवासी संगठनों ने उनकी रिहाई की मांग की है और आरोपों को अनुचित बताया है।
दारिया एगेरेवा के समर्थन में और उनकी रिहाई के लिए चलाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय अभियान के हिस्से के रूप में एक वेबसाइट और एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की गई है, जो यहाँ देखी जा सकती है।
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