नई दिल्ली (भारत) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश के अलग-अलग हिस्सों के आदिवासी छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत करेंगी। इसमें शामिल होने वाले छात्र भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की केंद्रीय क्षेत्र की प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थी होंगे।
यहाँ जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार देश भर से लगभग २०० आदिवासी छात्र राष्ट्रपति के साथ होने वाली इस बातचीत में हिस्सा लेंगे। ये छात्र मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थी हैं, और आदिवासी समुदायों के कुछ सबसे होनहार युवा हैं। ये उच्च शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक जुड़ाव के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की दिशा में अग्रसर हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस विशेष संवाद बैठक का आयोजन जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा “बिरसा लिव्स इन न्यू भारत” सप्ताह के दौरान किया जा रहा है, जो कि “जनजातीय गरिमा उत्सव” का एक हिस्सा है। हालाँकि प्रेस विज्ञप्ति में इस कार्यक्रम के लिए किसी विशिष्ट तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है।
“जनजातीय गरिमा उत्सव” १० मई से ९ जून २०२६ तक मनाया जा रहा है, जबकि “बिरसा लिव्स इन न्यू भारत सप्ताह” २५ मई से २ जून २०२६ तक मनाया जा रहा है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार “जनजातीय गरिमा उत्सव” भारत के राष्ट्र-निर्माण की यात्रा में आदिवासी समुदायों की समृद्ध विरासत, सांस्कृतिक धरोहर और अमूल्य योगदान का सम्मान करता है, और साथ ही आदिवासी युवाओं को शिक्षा, नेतृत्व और नवाचार की दिशा में प्रेरित करता है।
प्रतिभागी छात्र अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप (NFST), अनुसूचित जनजाति के छात्रों की उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना, और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (NOS) योजना के लाभार्थी हैं।
अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप (NFST) एक पूर्णतः वित्तपोषित केंद्रीय क्षेत्र योजना है जो देश में पीएचडी कर रहे मेधावी अनुसूचित जनजाति छात्रों को सहायता प्रदान करती है। प्रतिवर्ष ७५० नई फेलोशिप प्रदान की जाती हैं और वर्तमान में लगभग ३,००० विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
उच्च शिक्षा के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना इंजीनियरिंग, चिकित्सा, कानून, प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में २६५ प्रमुख संस्थानों में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन कर रहे अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों को सहायता प्रदान करती है। प्रतिवर्ष लगभग २,५०० नई छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं, जबकि वर्तमान में लगभग ७,००० छात्र इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति (NOS) योजना मेधावी अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों को विदेशों में विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों के समन्वय से कार्यान्वित यह योजना प्रतिवर्ष २० वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वर्तमान में, लगभग ७० छात्र इस योजना के अंतर्गत अग्रणी अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं।
इस विशेष संवाद का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के छात्रों को अकादमिक उत्कृष्टता, नेतृत्व और नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है, साथ ही समावेशी और परिवर्तनकारी जनजातीय सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।
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