Home North America कनाडा में आदिवासी अधिकारों की रक्षा वाले कानून को नहीं छेड़ेगी सरकार

कनाडा में आदिवासी अधिकारों की रक्षा वाले कानून को नहीं छेड़ेगी सरकार

विरोध और दबाव के चलते पीछे हटी ब्रिटिश कोलंबिया की प्रांतीय सरकार

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प्रातिनिधिक चित्र।

विक्टोरिया (ब्रिटिश कोलंबिया, कनाडा): कनाडा के प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया (BC) की सरकार आदिवासी अधिकारों की रक्षा करनेवाले कानून में बदलाव करने की अपनी योजना से पीछे हट गई है। यह घोषणा ब्रिटिश कोलंबिया के मुख्यमंत्री डेविड एबी ने मंगलवार को की। सरकार ने विशेष रूप से डिक्लेरेशन ऑन द राइट्स ऑफ इंडिजिनस पीपल्स एक्ट (DRIPA) मतलब मूलनिवासी लोगों के अधिकारों पर घोषणापत्र कानून में बदलाव की योजना को वापस ले लिया है। यह कदम मूलनिवासी नेताओं द्वारा निंदा और कड़ा विरोध करने के बाद उठाया गया है। यह मूलनिवासी अधिकारों की लड़ाई में एक बड़ी जीत है।

हाल के न्यायालय निर्णयों के बाद प्रांतीय सरकार दबाव में थी। निर्णयों मे यह सवाल उठाए गए थे कि DRIPA  मौजूदा प्रांतीय कानूनों के साथ कैसे लागू होता है, विशेष रूप से संसाधन विकास और भूमि अधिकार जैसे क्षेत्रों में। सरकार इन फैसलों से उत्पन्न अनिश्चितता को दूर करने के लिए कानून में बदलाव करने जा रही थी।

यहाँ जारी एक बयान में एबी ने कहा कि सरकार विधानमंडल के आगामी सत्र में DRIPA या इंटरप्रिटेशन एक्ट में संयुक्त राष्ट्र की घोषणा से संबंधित प्रावधानों को निलंबित करने और संशोधित करने के लिए कोई विधेयक पेश नहीं करेगी। इस विषय पर सरकार अब मूलनिवासी जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर आगे कदम उठाएगी।

एबी ने कहा, “सरकार और मूलनिवासी नेतृत्व मिलकर आगे का रास्ता खोजेगी। इस मामले पर चर्चा और विचार होगा। हम सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके।”

इस मामले में एबी को ना केवल मूलनिवासी लोगों के बढ़ते दबाव बल्कि उनके स्वयं के ही दल से आलोचना का सामना करना पड़ा था। एबी समय समय पर अपनी योजना बदलते रहे क्योंकि उन पर लगातार दबाव बना रहा। मंगलवार को तो उन्होंने बार-बार किए गए बदलावों की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि यह मेरी गलती है कि मैं सरकार को अलग-अलग दिशाओं में ले गया। उन्होंने कहा कि काश इस मामले में मैं “पहली बार में ही सही” होता, लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ।

एबी ने कहा, “सरकार में काम करते हुए मेरे लिए यह सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। (इससे साबित होता है कि) कोई नेता आत्मविश्वास के साथ लेकिन गलत दिशा में जा सकता है। यह पूरी तरह संभव है।”

संभवतः एबी तब दबाव में आ गए जब मूलनिवासी नेताओं के एक गठबंधन ने BC के सभी विधायकों को एक पत्र भेजकर अनुरोध किया कि वे प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ मतदान करे। इसी के चलते शायद एबी को पीछे हटना पड़ा।  प्रस्तावित संशोधन इसी सप्ताह प्रस्तुत किए जाने थे।

DRIPA  प्रांत का एक ऐतिहासिक कानून है जिसे २०१९ में सर्वसम्मति से पारित किया गया था। यह प्रांत को संयुक्त राष्ट्र के आदिवासी अधिकारों पर घोषणा (UNDRIP) के अनुरूप अपने सभी कानून बनाने को बाध्य करता है। कुछ समय पहले एक अदालत ने फैसला दिया था कि खनिज अधिकार देने की प्रांतीय प्रणाली DRIPA के अनुरूप नहीं है, जिसके बाद एबी ने कहा था अब इस कानून में बदलाव करना आवश्यक है। बाद में उन्होंने कहा कि DRIPA में बदलाव हो कर ही रहेगा, लेकिन फिर उन्होंने घोषणा की कि सरकार केवल इस अधिनियम के कुछ हिस्सों को तीन वर्षों के लिए “निलंबित” करने का इरादा रखती है।

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