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महाराष्ट्र में दो नए आदिवासी अध्ययन केंद्र बनेंगे

सरकार ने अमरावती और गडचिरोली में प्रस्तावित किए केंद्र

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प्रातिनिधिक चित्र।

मुंबई (महाराष्ट्र, भारत): महाराष्ट्र में जल्द ही दो नए आदिवासी अध्ययन केंद्र बनेंगे।

महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने बताया कि इन दो नए केंद्रों को महाराष्ट्र के अमरावती और गड़चिरोली में स्थापित करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि ये केंद्र इन स्थानों के विश्वविद्यालयों के अंतर्गत कार्य करेंगे – अमरावती में संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय (SGBAU) और गडचिरोली में गोंडवाना विश्वविद्यालय के अंतर्गत।

पाटील ने कहा कि राज्य सरकार का आदिवासी विकास विभाग इन विश्वविद्यालयों को नए आदिवासी अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए ३ करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले से ही तीन आदिवासी अध्ययन केंद्र हैं, जो जलगाँव, नांदेड और मुंबई के विश्वविद्यालयों के अंतर्गत कार्यरत हैं।

यह निर्णय मुंबई में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक ऊइके सहित मुंबई, नांदेड, जलगाँव, अमरावती और गडचिरोली विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे। आदिवासी अध्ययन केंद्र आदिवासी समुदायों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए शोध और अन्य पहलों को बढ़ावा देते हैं।

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