
नई दिल्ली (भारत): राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति (NESTS) ने देश के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों (EMRS) में शिक्षक सशक्तिकरण, शैक्षणिक सहायता और संस्थागत दक्षता के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
NESTS भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है। यह MoU कोग्रैड (सुपरविजन एजुकेयर प्राइवेट लिमिटेड) के साथ किया गया है। कोग्रैड शिक्षक सशक्तिकरण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित मंच विकसित करता है।
जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव बी. एन. प्रसाद और NESTS की आयुक्त डॉ. प्रतिमा भी उपस्थित थीं।
इस साझेदारी से देशभर में वर्तमान में संचालित ४९९ EMRS में ९,००० से अधिक शिक्षकों को सहायता मिलने और अंततः १.५ लाख से अधिक छात्रों को लाभ पहुंचने की अपेक्षा है।
इस व्यवस्था के तहत कंपनी अपने शिक्षक-केंद्रित डिजिटल मंच के एक अनुकूलित और विशेष रूप से तैयार संस्करण तक दो वर्षों की अवधि के लिए निःशुल्क पहुंच प्रदान करेगी। यहां जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वह मंच के उपयोग के लिए EMRS के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों और शैक्षणिक प्रशासकों को प्रशिक्षण भी देगी।
मंच की प्रमुख विशेषताओं में स्वचालित प्रश्नोत्तरी और मूल्यांकन निर्माण, पाठ योजना सहायता, 3-D मॉडल निर्माण और शिक्षण-अधिगम सामग्री निर्माण के लिए AI-सक्षम उपकरण शामिल हैं ।
इस पहल से EMRS इकोसिस्टम की डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने, शिक्षकों की प्रभावशीलता बढ़ाने और देश भर के EMRS में अध्ययनरत जनजातीय छात्रों के लिए अधिक व्यक्तिगत शैक्षणिक सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य AI-संचालित अधिगम और नवाचारी शैक्षणिक पद्धतियों का लाभ उठाते हुए शैक्षिक परिणामों को सुदृढ़ करना और देशभर के छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करना है।
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