Home In Brief “बाघों के ख़तरे से नागरिकों की सुरक्षा करें”

“बाघों के ख़तरे से नागरिकों की सुरक्षा करें”

देवलापार परिक्षेत्र जनहित संरक्षण समिति की मांग; मुख्य वनसंरक्षक को सौंपा गया ज्ञापन

169
नागपुर की मुख्य वनसंरक्षक श्रीमती श्रीलक्ष्मी ए. को ज्ञापन सौंपते हुए देवलापार परिक्षेत्र जनहित संरक्षण समिति का प्रतिनिधिमंडल।

नागपुर (महाराष्ट्र, भारत):  भारत के महाराष्ट्र के नागपुर जिले के देवलापार में देवलापार परिक्षेत्र जनहित संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक गोंडवाना सांस्कृतिक भवन में हुई ऑल इंडिया आदिवासी एम्प्लॉईज फेडरेशन के केंद्रीय अध्यक्ष प्रो. मधुकर उईके ने बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में देवलापार परिक्षेत्र के अनेक गांवों में बाघों की बढ़ती आवाजाही के कारण उत्पन्न हो रही भयावह स्थिति पर गहन चर्चा की गई। हाल के दिनों में बाघों के कारण ग्रामीणों के जान–माल को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस संदर्भ में ग्रामसभाओं द्वारा पारित किए गए प्रस्तावों पर बिना किसी देरी के तत्काल अमल किए जाने की एकमुखी मांग की गई।

ऑल इंडिया आदिवासी एम्प्लॉईज फेडरेशन के केंद्रीय महासचिव विजय कोकोडे ने कहा कि, “ग्रामसभा का प्रस्ताव जनता की लोकतांत्रिक और आधिकारिक आवाज होता है। नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है। ऐसे मामलों में तुरंत और ठोस कार्रवाई होना आवश्यक है।”

वहीं गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हरीश उईके ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि, “आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के जीवन की रक्षा करना शासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। बाघों के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रभावी उपायों को तुरंत लागू कर ग्रामसभा के निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए।”

बैठक का दृश्य।

बैठक के माध्यम से समिति ने राज्य शासन एवं संबंधित विभागों से मांग की कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए तत्काल प्रतिबंधात्मक उपाय अपनाए जाएं, एक ठोस कार्ययोजना घोषित की जाए तथा ग्रामसभाओं द्वारा जनहित में लिए गए सभी निर्णयों पर गंभीरता से अमल किया जाए।

देवलापार परिक्षेत्र जनहित संरक्षण समिति की ओर से यह मांग महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखी गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, तो नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से आगे की सशक्त भूमिका अपनाई जाएगी।

बैठक में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष हरीश उईके, ऑल इंडिया आदिवासी एम्प्लॉईज फेडरेशन के केंद्रीय महासचिव विजय कोकोडे, जिला संगठनकर्ता घनश्याम सरियाम सहित संजय कोडापे, संदीप कोकणी, सरपंच वनिता टेकाम, रमेश कोकोडे, अरुण बावणे, सोमेश्वर कोडवते, चिंतामण वरकडे, विष्णु बर्वे, चिंधू खंडाते, दुर्योधन कोडापे तथा बड़ी संख्या में पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

निवेदन सौंपा गया, प्रशासन का आश्वासन

बाद में समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर की मुख्य वनसंरक्षक श्रीमती श्रीलक्ष्मी ए. से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन दिया।  ज्ञापन में कहा गया कि बाघों के खतरे से नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। निवेदन पर संज्ञान लेते हुए मुख्य वनसंरक्षक महोदया ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि बाघों के खतरे को देखते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक व सुरक्षा उपाय शीघ्र अमल में लाए जाएंगे, तथा मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए विभाग द्वारा उचित कदम उठाए जाएंगे।

तुरंत अपडेट प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें और हमारे WhatsApp चैनल को फॉलो करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here