ओटावा (कनाडा): कनाडा भर के आदिवासी नेताओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका जाने की योजना बना रहे मूलनिवासी नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी परामर्श जारी किया है। नेताओं ने कहा कि सीमा चौकियों पर पूछताछ और हिरासत में लेने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। अमेरिकी आव्रजन प्राधिकरण द्वारा मूलनिवासी यात्रियों की कड़ी जांच के चलते यह परामर्श जारी किया गया है।
मूलनिवासी समूहों ने मूलनिवासी नागरिकों से अधिक सख्त निरीक्षण के लिए तैयार रहने और देरी या हिरासत से बचने के लिए पूरे पहचान दस्तावेज साथ रखने का आग्रह कर रहे हैं। आदिवासी समुदायों का कहना है कि सीमा पार करने को ले कर अब भ्रम और असंगति की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका और कनाडा के बीच नागरिकों का सीमापार आना जाना १७९४ की जे संधि द्वारा नियंत्रित है। इस संधि का मकसद सीमापार आवाजाही सुगम बनाना था। लेकिन इसके प्रावधान अमेरिका के कानून में शामिल नहीं किए गए हैं, जिसके कारण इन प्रावधानों के ले कर भ्रम है।
परामर्श में यात्रियों को कई प्रकार के दस्तावेज साथ रखने की सिफारिश की गई है। इनमें वैध कनाडाई पासपोर्ट, विस्तृत जन्म प्रमाणपत्र और मूलनिवासी कार्ड शामिल हैं। जन्म प्रमाणपत्र को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, क्योंकि कथित तौर पर कुछ सीमा चौकियों पर अमेरिकी अधिकारी आदिवासी स्टेटस कार्ड को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह भी सुझाव दिया गया है कि यात्री अपने साथ संधि अधिकारों या आदिवासी पहचान की पुष्टि करने वाले पत्र रखें।
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