नागपुर (महाराष्ट्र, भारत): नागपुर नगरी के संस्थापक गोंड शासक बक्त बुलंद शाह की ऐतिहासिक स्मृति से जुड़े सक्करदरा स्थित समाधि स्थल के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विधिवत रूप से किया गया।
सक्करदरा स्थित यह स्थल गोंडकालीन इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। वर्षों से स्थानीय नागरिकों और आदिवासी समाज की ओर से इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की मांग की जा रही थी। अब इस कार्य के प्रारंभ होने से समाज में संतोष और गर्व की भावना है। आयोजकों ने कहा कि यह केवल सौंदर्यीकरण का कार्य नहीं, बल्कि इतिहास और सांस्कृतिक अस्मिता के पुनर्स्मरण का प्रयास है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के विदर्भ अध्यक्ष सूर्यकांत जी उईके प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के विदर्भ महसचिव दिनेश शेराम, शुभांगी शेराम, विजय परतीके, सुरेंद्र नैताम, श्याम कोडापे, ओजस्विनी परतीके, नंदकिशोर कोकोडे तथा अजय सिंगरे सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद थे।

अपने संबोधन में श्री उईके ने कहा कि बक्त बुलंद शाह ने नागपुर शहर की नींव रखी और गोंड शासनकाल में यहां प्रशासनिक एवं सांस्कृतिक विकास को नई दिशा दी। ऐसे महान शासक की स्मृति को संरक्षित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि इस स्थल का विकास आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का कार्य करेगा।
उपस्थित वक्ताओं ने भी कहा कि आदिवासी इतिहास को मुख्यधारा में उचित स्थान दिलाने के लिए इस प्रकार के प्रयास आवश्यक हैं। समाधि स्थल के सौंदर्यीकरण के अंतर्गत परिसर की साफ-सफाई, हरियाली विकास, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा और सूचना पट्ट लगाने जैसे कार्य किए जाएंगे, ताकि यह स्थान ऐतिहासिक एवं पर्यटन दृष्टि से भी आकर्षक बन सके।
उपस्थितों ने आशा व्यक्त की कि शीघ्र ही यह स्थल नागपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों में अपनी विशेष पहचान बनाएगा और गोंड इतिहास की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।
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