नागपुर (महाराष्ट्र, भारत): आदिवासी समाज से निर्वाचित नगरसेवकों को अपने-अपने क्षेत्रों में महानगरपालिका की बंद पड़ी प्राथमिक शालाओं को पुनः शुरू करने के लिए प्रयास करने चाहिए, ऐसा आह्वान राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (आरटीएमएनयू) की अधिसभा के सदस्य दिनेश शेराम ने सोमवार को यहाँ किया।
वे नागपुर महानगरपालिका की सामान्य सभा के लिए हाल ही में हुए चुनाव में सफल रहे आदिवासी समाज के नगरसेवकों के सम्मान समारोह में अध्यक्षीय भाषण दे रहे थे। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम गोंड सभा पाठशाला तथा कार्तिक उराव आदिवासी बहुउद्देशीय संस्था के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
अपने भाषण में श्री शेराम ने कहा कि यदि महानगरपालिका द्वारा संचालित विद्यालय बंद हो गए तो गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा प्राप्त करना अत्यंत कठिन हो जाएगा। निजी विद्यालयों में प्राथमिक शिक्षा बहुत महंगी है, जिसे गरीब लोग वहन नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा से वंचित किया गया तो वंचित वर्गों के बच्चे कम वेतन वाले पेशों की ओर मजबूर होंगे, जिससे देश में गरीबी और बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि महानगरपालिका के विद्यालयों में अंग्रेज़ी माध्यम की शिक्षा शुरू करने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए।
नवनिर्वाचित आदिवासी नगरसेवकों में रामा उईके, सरस्वती सलामे, रुतिका मसराम और माधुरी टेकाम का सत्कार किया गया। नीलडोह नगर पंचायत की सदस्य हर्षा परतेकी का मात्र २२ वर्ष की आयु में निर्वाचित होने पर विशेष रूप से सत्कार किया गया। विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित नगरसेविका सीमा डवरे का भी इस अवसर पर सम्मान किया गया।
मुख्य अतिथि विजय डहाट ने अपने भाषण में नवनिर्वाचित सदस्यों से देश के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का उपयोग जनता के उत्थान के लिए करने का आह्वान किया। अपने भाषण में रामा उईके ने शहर के विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। सरस्वती सलामे, रुतिका मसराम, माधुरी टेकाम और हर्षा पारटेकी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर आदिवासी एवं मूलनिवासी समुदायों को समर्पित वेबसाइट ट्रायबल मिरर / आदिवासी दर्पण (www.tribalmirror.com) का अतिथियों के हाथों लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा अधिकारी शिवराम भलावी सहित समाजसेवी प्रभुलाल परतेती, कृष्णा मसराम, माया वरखडे और वनश्री पंधरे-सिडाम उपस्थित थे। कार्यक्रम की सफलता के लिए सामाजिक कार्यकर्ता शरद कोहचाडे ने विशेष परिश्रम किया।
कार्यक्रम का संचालन समाजसेवक शेषराज मरसकोल्हे ने किया, जबकि अधि. वीरेश वरखडे ने आभार प्रदर्शन किया।
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