नागपुर (महाराष्ट्र, भारत): ऑल इंडिया आदिवासी एम्प्लॉईज़ फेडरेशन की नागपुर विभागीय बैठक पिछले सप्ताह यहाँ संपन्न हुई। बैठक में नागपुर विभाग के छह जिलों के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक की अध्यक्षता फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष यशवंत मलये ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय अध्यक्ष प्रा. मधुकर उईके उपस्थित थे। मार्गदर्शक के रूप में विभागीय अध्यक्ष माधव गावळ, केंद्रीय महासचिव विजय कोकोडे, डॉ. सुनिल कोडापे तथा केंद्रीय संघटक शांताराम उईके उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रस्तावना से हुई। जिला अध्यक्ष प्रमोद मसराम ने अपने प्रास्ताविक भाषण में विभागीय बैठक के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला।
बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें छोटा संवर्ग बिंदूनामावली, माना-कुनबी कोर्ट केस, अधिसंख्य पदों से संबंधित शासन निर्णय रद्द करने की मांग, फेडरेशन भवन हेतु राशि, नए सदस्य पंजीकरण तथा मासिक निधि एवं न्यायालयीन संघर्ष निधि संकलन जैसे विषय शामिल थे।
सभी जिला पदाधिकारियों ने अपने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि केवल चर्चा करने की बजाय ठोस भूमिका एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए। कोर्ट मामलों के लिए न्यायालयीन संघर्ष निधि एकत्रित करने का प्रस्ताव सदस्यों ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रमोद मसराम ने किया। कार्यक्रम की सफलता हेतु संजय मरसकोल्हे, प्रदीप मरसकोल्हे, रविंद्र भलावी, अविनाश आत्राम, घनश्याम सरियाम, डॉ. दमयंती आत्राम, डॉ. वर्षा वाढिवे, श्याम सराटे, गुरुदेव मरापे, सुरेश कन्नाके, माळवी तथा सुभाष मड़ावी ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
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